2025 में एकादशी व्रत कथा और तिथियाँ: जुलाई से दिसंबर 2025 तक की मासिक सूची

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2025 में आने वाली एकादशी व्रत कथा और तिथियों की मासिक सूची: जुलाई से दिसंबर 2025 तक

हिन्दू धर्म में, एकादशी का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। यह भगवान विष्णु को समर्पित एक पवित्र उपवास दिन है, जिसे मासिक (शुक्ल पक्ष) और कृष्ण पक्ष में एक-एक बार मान्यता दी जाती है। एकादशी का पालन आत्मा की शुद्धि, आध्यात्मिक उन्नति, और पापों का नाश करने में सहायक होता है।


1. कामिका एकादशी – 21 जुलाई, 2025 (सोमवार)

  • पक्ष: कृष्ण पक्ष एकादशी
  • मास: श्रावण
  • प्रारंभ: 20 जुलाई को 12:12 बजे
  • समाप्ति: 21 जुलाई को 09:38 बजे

🕉 कामिका एकादशी व्रत कथा:

कामिका एकादशी का अनुष्ठान सभी पापों को नष्ट करता है और मोक्ष प्रदान करता है। पुराण के अनुसार, एक ब्राह्मण ने एक गंभीर पाप किया था, और वह भक्ति से इस उपवास का पालन करके क्षमा और आध्यात्मिक शुद्धि प्राप्त कर ली। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा सभी इच्छाओं को पूरा करती है।


2. श्रावण पुत्रदा एकादशी – 5 अगस्त, 2025 (मंगलवार)

  • पक्ष: शुक्ल पक्ष एकादशी
  • मास: श्रावण
  • प्रारंभ: 4 अगस्त को 11:41 बजे
  • समाप्ति: 5 अगस्त को 01:12 बजे

पुत्रदा एकादशी व्रत कथा

पुत्रदा का अर्थ है “पुत्र देने वाला”। इस एकादशी का पालन उन जोड़ों द्वारा किया जाता है जो संतान की आकांक्षा रखते हैं। पुराण के अनुसार, राजा महिजित ने इस व्रत का पालन करके एक धार्मिक पुत्र से आशीर्वाद प्राप्त किया था। भगवान विष्णु की भक्ति से परिवार में खुशियाँ और वंश के निरंतरता की प्राप्ति होती है।


3. अजा एकादशी – 19 अगस्त, 2025 (मंगलवार)

  • पक्ष: कृष्ण पक्ष एकादशी
  • मास: भाद्रपद
  • प्रारंभ: 18 अगस्त को 05:22 बजे
  • समाप्ति: 19 अगस्त को 03:32 बजे

अजा एकादशी व्रत कथा

यह एकादशी राजा हरिश्चंद्र की कहानी से संबंधित है, जिन्होंने सत्य और धर्म के लिए अत्यधिक पीड़ा सही। अजा एकादशी का अनुसरण करने के बाद, उन्हें उनकी साम्राज्यिक स्थिति, परिवार, और शांति पुनः प्राप्त हुई। इस दिन का उपवास कहा गया है कि सबसे कठोर पापों को भी मिटा देता है।


4. पर्श्व एकादशी (परिवर्तिनी एकादशी) – 3 सितंबर, 2025 (बुधवार)

  • पक्ष: शुक्ल पक्ष एकादशी
  • मास: भाद्रपद
  • प्रारंभ: 3 सितंबर को 03:53 बजे
  • समाप्ति: 4 सितंबर को 04:21 बजे

पर्श्व एकादशी व्रत कथा

परिवर्तिनी एकादशी के नाम से भी जानी जाती है, यह दिन भगवान विष्णु की दिव्य रूपांतरण (परिवर्तन) का संकेत है जब वे अपनी ब्रह्मांडिक निद्रा (योग निद्रा) में होते हैं। भक्तगण आध्यात्मिक आशीर्वाद के लिए प्रार्थना करते हैं, और यह भी महत्वपूर्ण आध्यात्मिक संकल्पों की शुरुआत या कार्यान्वयन का दिन है।


5. इंदिरा एकादशी – 17 सितंबर, 2025 (बुधवार)

  • पक्ष: कृष्ण पक्ष एकादशी
  • मास: आश्विन
  • प्रारंभ: 17 सितंबर को 12:21 बजे
  • समाप्ति: 17 सितंबर को 11:39 बजे

इंदिरा एकादशी व्रत कथा:

यह एकादशी प्राथमिक रूप से पूर्वजों (पितृ) की मुक्ति के लिए मानी जाती है। इस उपवास का पालन करने से उनकी आत्माएं पीड़ा से मुक्त होती हैं और उन्हें शांति प्राप्त होती है। शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन भोजन और प्रार्थनाओं की प्रस्तावना करने से अध्यात्मिक महिमा मिलती है।


6. पापांकुश एकादशी – 3 अक्टूबर, 2025 (शुक्रवार)

  • पक्ष: शुक्ल पक्ष एकादशी
  • मास: आश्विन
  • प्रारंभ: 2 अक्टूबर को 07:10 बजे
  • समाप्ति: 3 अक्टूबर को 06:32 बजे

पापांकुश एकादशी कथा:

इस एकादशी को पापों का नाशक कहा जाता है। यह माना जाता है कि जो भी निष्काम भक्ति से इस उपवास का पालन करता है, वह वैकुंठ (भगवान विष्णु का निवास) में स्थान प्राप्त करता है। भगवान विष्णु ने खुद कहा है कि यह उपवास मृत्यु के भय से बचाता है और मोक्ष की दिशा में ले जाता है।


एकादशी व्रत कैसे मानाएं:

  1. सूर्योदय से पहले उठें और नहाएं।
  2. घर और पूजा क्षेत्र को साफ करें, और भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें।
  3. दिन भर अनाज, चावल और दाल से बचें।
  4. विष्णु सहस्त्रनाम या किसी भी विष्णु मंत्र का जाप करें।
  5. उपवास के दिन की एकादशी कथा सुनें या पढ़ें।

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