इन्दिरा एकादशी 2025 – तारीख, पूजा विधि, व्रत कथा

इन्दिरा एकादशी — 2025

📅 तिथि: 17 सितंबर 2025 (बुधवार)

📜 तिथि विवरण: एकादशी

🌌 नक्षत्र: मघा

🌓 पक्ष/माह: कृष्ण (Bhadrapada)

📆 सप्ताह/दिन: बुधवार

🕒 आरंभ/समाप्त समय: Begins – 09:26 PM, Sep 16
Ends – 08:15 PM, Sep 17

परना (व्रत तोड़ने की जानकारी)

📅 परना तिथि: 2025-09-18

🌞 सूर्योदय: 06:00 AM

🧘 परना के बाद तिथि: द्वादशी (कृष्ण)

इन्दिरा एकादशी

व्रत का महत्व

इन्दिरा एकादशी व्रत श्रद्धा एवं भक्ति से किया जाता है।

इन्दिरा एकादशी का महत्व

इन्दिरा एकादशी का व्रत हिन्दू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है, जो इस वर्ष 17 सितंबर 2025 को आएगा। इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और उपवास रखते हैं। यह एकादशी विशेष रूप से पितरों की आत्मा की शांति के लिए समर्पित है।

इन्दिरा एकादशी की कथा

एक समय की बात है, एक राजा का नाम इन्द्रद्युम्न था। उन्होंने अपनी पत्नी और राजकुमार के साथ एक दिन पितृ तर्पण किया। लेकिन उनके पितरों को तृप्ति नहीं मिली। राजा ने एक ऋषि से सलाह ली। ऋषि ने उन्हें बताया कि उनके पितरों की आत्मा को शांति पाने के लिए इन्दिरा एकादशी का व्रत करना होगा।

राजा ने व्रत करने का निश्चय किया और पूरे मन से उपवास रखा। उन्होंने भगवान विष्णु की भक्ति की और अपने पितरों के लिए श्राद्ध का आयोजन किया। व्रत के प्रभाव से राजा के पितरों को मोक्ष प्राप्त हुआ और उनकी आत्मा को शांति मिली।

आध्यात्मिक लाभ

इन्दिरा एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को अनेक आध्यात्मिक लाभ होते हैं। यह व्रत पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का एक उत्तम साधन है। इस दिन उपवास रखने से मन और आत्मा की शुद्धि होती है। भक्त भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करता है और उसके सभी कष्ट दूर होते हैं।

इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है। व्रति को भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है और वह अपने पितरों का आभार भी व्यक्त कर पाता है।

इस प्रकार, इन्दिरा एकादशी का व्रत न केवल पितरों के लिए, बल्कि स्वयं भक्त के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर है।

इन्दिरा एकादशी पूजा विधि

  • पूजा के लिए आवश्यक सामग्री:
    • गंगाजल या शुद्ध जल
    • फूल (गुलाब, कमल)
    • दीपक (घी का या तेल का)
    • अगरबत्ती
    • नैवेद्य (फल, मिठाई)
    • पुस्तक या चित्र (भगवान विष्णु का)
    • पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर)
  • पूजा की तैयारी:
    • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
    • घर के पूजा स्थल को स्वच्छ करें और उसमें भगवान विष्णु का चित्र स्थापित करें।
  • पूजा विधि:
    • भगवान का अभिषेक करें, पंचामृत का उपयोग करें।
    • फूल अर्पित करें और दीपक जलाएं।
    • अगरबत्ती लगाएं और भगवान का ध्यान करें।
    • नैवेद्य अर्पित करें।
    • ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें।
  • पारणा (ब्रेकफास्ट) की विधि:
    • एकादशी का उपवासी दिन समाप्त होने पर, द्वादशी तिथि को प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में फल-फूल का सेवन करें।
    • फिर, एकादशी व्रत का पारणा करते समय ‘ॐ नमो नारायणाय’ का जाप करें।
    • सादा भोजन ग्रहण करें और सभी को प्रसाद वितरित करें।

इस प्रकार, इन्दिरा एकादशी की पूजा विधि को पूर्ण करें और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करें।

2025 की सभी एकादशियाँ

नाम तिथि पक्ष
पुत्रदा एकादशी 9 जनवरी 2025 (गुरुवार) शुक्ल
कात्यायनी एकादशी 25 जनवरी 2025 (शनिवार) कृष्ण
षट्तिला एकादशी 8 फ़रवरी 2025 (शनिवार) शुक्ल
विजया एकादशी 23 फ़रवरी 2025 (रविवार) कृष्ण
आमलकी एकादशी 9 मार्च 2025 (रविवार) शुक्ल
पापमोचनी एकादशी 25 मार्च 2025 (मंगलवार) कृष्ण
कामदा एकादशी 8 अप्रैल 2025 (मंगलवार) शुक्ल
अपरा एकादशी 23 अप्रैल 2025 (बुधवार) कृष्ण
मोहिनी एकादशी 7 मई 2025 (बुधवार) शुक्ल
योगिनी एकादशी 23 मई 2025 (शुक्रवार) कृष्ण
निर्जला एकादशी 6 जून 2025 (शुक्रवार) शुक्ल
कामिका एकादशी 21 जून 2025 (शनिवार) कृष्ण
देवशयनी एकादशी 6 जुलाई 2025 (रविवार) शुक्ल
कामिका एकादशी 20 जुलाई 2025 (रविवार) कृष्ण
पुत्रदा एकादशी 4 अगस्त 2025 (सोमवार) शुक्ल
अजा एकादशी 18 अगस्त 2025 (सोमवार) कृष्ण
परिवर्तिनी एकादशी 3 सितंबर 2025 (बुधवार) शुक्ल
इन्दिरा एकादशी 17 सितंबर 2025 (बुधवार) कृष्ण
पापांकुशा एकादशी 3 अक्टूबर 2025 (शुक्रवार) शुक्ल
पसांकुशा एकादशी 16 अक्टूबर 2025 (गुरुवार) कृष्ण
प्रबोधिनी एकादशी 1 नवंबर 2025 (शनिवार) शुक्ल
रमा एकादशी 15 नवंबर 2025 (शनिवार) कृष्ण
मोक्षदा एकादशी 1 दिसंबर 2025 (सोमवार) शुक्ल
उत्पन्ना एकादशी 15 दिसंबर 2025 (सोमवार) कृष्ण
पुत्रदा एकादशी 30 दिसंबर 2025 (मंगलवार) शुक्ल