कात्यायनी एकादशी — 2025
📅 तिथि: 25 जनवरी 2025 (शनिवार)
📜 तिथि विवरण: एकादशी
🌌 नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा
🌓 पक्ष/माह: कृष्ण (मघा)
📆 सप्ताह/दिन: शनिवार
🕒 आरंभ/समाप्त समय: Begins – 09:26 PM, Jan 24
Ends – 08:15 PM, Jan 25
परना (व्रत तोड़ने की जानकारी)
📅 परना तिथि: 2025-01-26
🌞 सूर्योदय: 06:00 AM
🧘 परना के बाद तिथि: द्वादशी (कृष्ण)
व्रत का महत्व
कात्यायनी एकादशी व्रत श्रद्धा एवं भक्ति से किया जाता है।
कात्यायनी एकादशी की कथा
कात्यायनी एकादशी का व्रत हर साल कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। यह विशेष रूप से देवी कात्यायनी की पूजा के लिए समर्पित है। कात्यायनी देवी, दुर्गा के नौ रूपों में से एक मानी जाती हैं और इनकी पूजा से भक्तों को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
कथा का प्रसंग
एक बार की बात है, जब एक राजा अपने राज्य के लिए बहुत चिंतित था। उसकी एकमात्र पुत्री, जो बहुत सुंदर थी, ने विवाह के लिए कई राजकुमारों को देखा, लेकिन कोई भी उसे पसंद नहीं आया। राजा ने अपनी पुत्री की खुशी के लिए यज्ञ करने का निश्चय किया। यज्ञ के दौरान, उन्होंने देवी कात्यायनी का आह्वान किया ताकि उनकी पुत्री को एक योग्य वर मिले।
राजा ने कात्यायनी एकादशी का व्रत किया और पूरे श्रद्धा भाव से देवी की पूजा की। देवी कात्यायनी उनके समक्ष प्रकट हुईं और कहा कि वे उनकी पुत्री को एक वीर और योग्य पति प्रदान करेंगी। व्रत के प्रभाव से राजा की पुत्री को एक योग्य राजकुमार मिला, जिससे उसका विवाह हुआ। इस प्रकार, राजा की चिंता समाप्त हुई और उनकी पुत्री सुखी हो गई।
महत्व और आध्यात्मिक लाभ
कात्यायनी एकादशी का व्रत करने से भक्तों को मानसिक शांति, समृद्धि तथा स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। यह व्रत विशेष रूप से विवाह में बाधा का निवारण करने के लिए किया जाता है। इसके साथ ही, जो भक्त सच्चे मन से इस एकादशी का पालन करते हैं, उन्हें देवी कात्यायनी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
इस दिन उपवास रखने से भक्तों की सभी इच्छाएँ पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का संचार होता है। इस प्रकार, कात्यायनी एकादशी का व्रत न केवल भक्ति का प्रतीक है, बल्कि यह जीवन में सकारात्मकता और समृद्धि लाने का एक महत्वपूर्ण साधन भी है।
कात्यायनी एकादशी पूजा विधि
- पूजा के लिए आवश्यक सामग्री:
- गंगाजल या शुद्ध जल
- पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, और चीनी)
- फूल (विशेष रूप से कमल के फूल)
- अगरबत्ती और दीपक
- फल (केला, सेब, आदि)
- नैवेद्य (सादा भोजन या साबूदाना खिचड़ी)
- बंदना (सुपारी, अक्षत)
- पूजा की प्रक्रिया:
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- पूजा स्थल को स्वच्छ करें और वहां एक चौकी पर एक सफेद cloth बिछाएं।
- भगवान श्रीकृष्ण और माता कात्यायनी का चित्र स्थापित करें।
- गंगाजल से भगवान का अभिषेक करें।
- पंचामृत से स्नान कराकर भगवान को वस्त्र पहनाएं।
- फूल और नैवेद्य अर्पित करें।
- अगरबत्ती और दीपक जलाएं।
- मंत्र:
- ॐ कात्यायन्यै नमः।
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
- उपवास और पारणा:
- कात्यायनी एकादशी का उपवास रखें। दिनभर केवल फल और पानी का सेवन करें।
- द्वादशी तिथि को सुबह जल्दी स्नान करें और भगवान का ध्यान करते हुए पारणा करें।
- पारणा के बाद सादा भोजन या साबूदाना खिचड़ी का सेवन करें।
इस प्रकार, कात्यायनी एकादशी की पूजा विधि को सरलता से पालन करें और भगवान से आशीर्वाद प्राप्त करें।
2025 की सभी एकादशियाँ
नाम | तिथि | पक्ष |
---|---|---|
पुत्रदा एकादशी | 9 जनवरी 2025 (गुरुवार) | शुक्ल |
कात्यायनी एकादशी | 25 जनवरी 2025 (शनिवार) | कृष्ण |
षट्तिला एकादशी | 8 फ़रवरी 2025 (शनिवार) | शुक्ल |
विजया एकादशी | 23 फ़रवरी 2025 (रविवार) | कृष्ण |
आमलकी एकादशी | 9 मार्च 2025 (रविवार) | शुक्ल |
पापमोचनी एकादशी | 25 मार्च 2025 (मंगलवार) | कृष्ण |
कामदा एकादशी | 8 अप्रैल 2025 (मंगलवार) | शुक्ल |
अपरा एकादशी | 23 अप्रैल 2025 (बुधवार) | कृष्ण |
मोहिनी एकादशी | 7 मई 2025 (बुधवार) | शुक्ल |
योगिनी एकादशी | 23 मई 2025 (शुक्रवार) | कृष्ण |
निर्जला एकादशी | 6 जून 2025 (शुक्रवार) | शुक्ल |
कामिका एकादशी | 21 जून 2025 (शनिवार) | कृष्ण |
देवशयनी एकादशी | 6 जुलाई 2025 (रविवार) | शुक्ल |
कामिका एकादशी | 20 जुलाई 2025 (रविवार) | कृष्ण |
पुत्रदा एकादशी | 4 अगस्त 2025 (सोमवार) | शुक्ल |
अजा एकादशी | 18 अगस्त 2025 (सोमवार) | कृष्ण |
परिवर्तिनी एकादशी | 3 सितंबर 2025 (बुधवार) | शुक्ल |
इन्दिरा एकादशी | 17 सितंबर 2025 (बुधवार) | कृष्ण |
पापांकुशा एकादशी | 3 अक्टूबर 2025 (शुक्रवार) | शुक्ल |
पसांकुशा एकादशी | 16 अक्टूबर 2025 (गुरुवार) | कृष्ण |
प्रबोधिनी एकादशी | 1 नवंबर 2025 (शनिवार) | शुक्ल |
रमा एकादशी | 15 नवंबर 2025 (शनिवार) | कृष्ण |
मोक्षदा एकादशी | 1 दिसंबर 2025 (सोमवार) | शुक्ल |
उत्पन्ना एकादशी | 15 दिसंबर 2025 (सोमवार) | कृष्ण |
पुत्रदा एकादशी | 30 दिसंबर 2025 (मंगलवार) | शुक्ल |