सफल एकादशी — 2026
📅 तिथि: 13 जनवरी 2026 (मंगलवार)
📜 तिथि विवरण: एकादशी
🌌 नक्षत्र: ज्येष्ठा
🌓 पक्ष/माह: कृष्ण (Pausha)
📆 सप्ताह/दिन: मंगलवार
🕒 आरंभ/समाप्त समय: Begins – 09:26 PM, Jan 12
Ends – 08:15 PM, Jan 13
परना (व्रत तोड़ने की जानकारी)
📅 परना तिथि: 2026-01-14
🌞 सूर्योदय: 06:00 AM
🧘 परना के बाद तिथि: एकादशी (कृष्ण)

व्रत का महत्व
सफल एकादशी व्रत श्रद्धा एवं भक्ति से किया जाता है।
सफल एकादशी की कथा
सफल एकादशी का व्रत हर साल माघ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इस दिन का विशेष महत्व है, क्योंकि यह दिन भक्तों के लिए मोक्ष और सफलता का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण की विशेष पूजा की जाती है।
कथा
एक बार, एक राजा नामक रघुवीर बहुत ही धार्मिक और दानी थे। वे प्रतिदिन भगवान की पूजा करते थे। एक दिन, उन्होंने सुना कि सफल एकादशी का व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। राजा ने निश्चय किया कि वह इस एकादशी का व्रत करेंगे।
राजा ने पूरे मन से व्रत का पालन किया। उन्होंने पूरे दिन उपवास रखा और रात में भगवान की आरती की। व्रत के प्रभाव से राजा को एक दिव्य दर्शन हुआ, जिसमें भगवान ने उन्हें आशीर्वाद दिया। भगवान ने कहा, “हे राजा, तुम्हारे सच्चे भक्ति और व्रत के कारण तुम्हारी सभी इच्छाएं पूरी होंगी।”
महत्व और आध्यात्मिक लाभ
सफल एकादशी का व्रत करने से भक्तों को अनेक लाभ होते हैं। इस दिन उपवास रखने से मानसिक शांति, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। यह व्रत सभी प्रकार के पापों का नाश करता है और मोक्ष प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है।
इस एकादशी के व्रत से व्यक्ति की समस्त इच्छाएं पूरी होती हैं और उसे जीवन में सफलता की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण का ध्यान करने और उनका नाम जपने से जीवन में सकारात्मकता आती है।
इस प्रकार सफल एकादशी का व्रत हर भक्त के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, और इसे पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ करना चाहिए।
सफल एकादशी पूजा विधि
- सामग्री:
- गंगाजल या पवित्र जल
- कच्चे चावल
- फूल (कमल, गुलाब आदि)
- दीपक और बत्ती
- अगरबत्ती
- नैवेद्य (फल, मीठा या साबूदाना से बना भोग)
- पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, चीनी)
- भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर
- पूजा की तैयारी:
- सर्वप्रथम स्नान कर पवित्रता प्राप्त करें।
- पूजा स्थान को साफ करके वहां एक आसन बिछाएं।
- भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर को स्थापित करें।
- पूजा विधि:
- गंगाजल का छिड़काव करें।
- दीपक जलाएं और अगरबत्ती लगाएं।
- फूल अर्पित करें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें।
- नैवेद्य अर्पित करें।
- पंचामृत से स्नान कराएं और ‘ॐ विष्णवे नमः’ का जाप करें।
- सभी सामग्री को भगवान को अर्पित करें।
- पारण विधि:
- एकादशी व्रत समाप्ति के दिन द्वादशी को प्रातः सूर्योदय से पहले स्नान करें।
- साबूदाना, फल या हल्का भोजन ग्रहण करें। धीरे-धीरे सामान्य आहार की ओर बढ़ें।
इस प्रकार, सफल एकादशी का व्रत और पूजा विधि को ध्यानपूर्वक करें, जिससे भगवान विष्णु की कृपा आपके जीवन में सदा बनी रहे।
2026 की सभी एकादशियाँ
नाम | तिथि | पक्ष |
---|---|---|
सफल एकादशी | 13 जनवरी 2026 (मंगलवार) | कृष्ण |
सफल एकादशी | 14 जनवरी 2026 (बुधवार) | कृष्ण |
षट्तिला एकादशी | 28 जनवरी 2026 (बुधवार) | शुक्ल |
कात्यायनी एकादशी | 12 फ़रवरी 2026 (गुरुवार) | कृष्ण |
आमलकी एकादशी | 27 फ़रवरी 2026 (शुक्रवार) | शुक्ल |
विजया एकादशी | 14 मार्च 2026 (शनिवार) | कृष्ण |
कामदा एकादशी | 28 मार्च 2026 (शनिवार) | शुक्ल |
पापमोचनी एकादशी | 13 अप्रैल 2026 (सोमवार) | कृष्ण |
मोहिनी एकादशी | 27 अप्रैल 2026 (सोमवार) | शुक्ल |
अपरा एकादशी | 12 मई 2026 (मंगलवार) | कृष्ण |
निर्जला एकादशी | 26 मई 2026 (मंगलवार) | शुक्ल |
योगिनी एकादशी | 11 जून 2026 (गुरुवार) | कृष्ण |
देवशयनी एकादशी | 25 जून 2026 (गुरुवार) | शुक्ल |
कामिका एकादशी | 10 जुलाई 2026 (शुक्रवार) | कृष्ण |
पुत्रदा एकादशी | 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) | शुक्ल |
अजा एकादशी | 8 अगस्त 2026 (शनिवार) | कृष्ण |
परिवर्तिनी एकादशी | 23 अगस्त 2026 (रविवार) | शुक्ल |
परिवर्तिनी एकादशी | 22 सितंबर 2026 (मंगलवार) | शुक्ल |
पसांकुशा एकादशी | 6 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) | कृष्ण |
पापांकुशा एकादशी | 21 अक्टूबर 2026 (बुधवार) | शुक्ल |
रमा एकादशी | 4 नवंबर 2026 (बुधवार) | कृष्ण |
प्रबोधिनी एकादशी | 20 नवंबर 2026 (शुक्रवार) | शुक्ल |
उत्पन्ना एकादशी | 4 दिसंबर 2026 (शुक्रवार) | कृष्ण |
मोक्षदा एकादशी | 20 दिसंबर 2026 (रविवार) | शुक्ल |