अपरा एकादशी 2026 – तारीख, पूजा विधि, व्रत कथा

अपरा एकादशी — 2026

📅 तिथि: 12 मई 2026 (मंगलवार)

📜 तिथि विवरण: एकादशी

🌌 नक्षत्र: रेवती

🌓 पक्ष/माह: कृष्ण (Vaishakha)

📆 सप्ताह/दिन: मंगलवार

🕒 आरंभ/समाप्त समय: Begins – 09:26 PM, May 11
Ends – 08:15 PM, May 12

परना (व्रत तोड़ने की जानकारी)

📅 परना तिथि: 2026-05-13

🌞 सूर्योदय: 06:00 AM

🧘 परना के बाद तिथि: द्वादशी (कृष्ण)

अपरा एकादशी

व्रत का महत्व

अपरा एकादशी व्रत श्रद्धा एवं भक्ति से किया जाता है।

अपरा एकादशी की कथा

अपरा एकादशी का व्रत विशेष रूप से भक्तों द्वारा श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह व्रत हर वर्ष ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्री विष्णु की आराधना की जाती है। अपरा एकादशी का व्रत करने से भक्तों को सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति मिलती है और उनकी सभी इच्छाएँ पूर्ण होती हैं।

कथा

एक बार की बात है, एक नगर में एक ब्राह्मण अपनी पत्नी के साथ रहता था। वह बहुत ही गरीब था, लेकिन उसकी पत्नी हमेशा भगवान की भक्ति में लीन रहती थी। एक दिन, पत्नी ने अपने पति से अपरा एकादशी का व्रत करने का सुझाव दिया। ब्राह्मण ने पहले तो मना किया, लेकिन पत्नी की प्रेरणा से उसने व्रत करने का निश्चय किया।

अपरा एकादशी के दिन, ब्राह्मण ने उपवास रखा और भगवान श्री विष्णु का ध्यान किया। उसकी पत्नी ने भी पूरे श्रद्धा भाव से व्रत किया। उस दिन भगवान ने उनकी भक्ति को देखकर उन्हें अनंत धन और सुख प्रदान किया। धीरे-धीरे उनका जीवन बदल गया और वे समृद्ध हो गए।

महत्व और आध्यात्मिक लाभ

अपरा एकादशी का व्रत करने से भक्तों को मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति मिलती है। इस दिन उपवास रखने से रोगों से छुटकारा मिलता है और समस्त बाधाएँ दूर होती हैं। भक्तों को चाहिए कि वे इस दिन भगवान विष्णु का ध्यान करें और भक्ति भाव से व्रत का पालन करें। इसके फलस्वरूप जीवन में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है।

इस प्रकार, अपरा एकादशी का व्रत न केवल भौतिक समृद्धि लाता है, बल्कि आत्मिक शांति और संतोष भी प्रदान करता है। इसे श्रद्धा से मनाने पर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अवश्य आते हैं।

अपरा एकादशी पूजा विधि

  • पूजा के लिए आवश्यक सामग्री:
      <li-शुद्ध जल

      <li-दीपक (घी या तेल का)

      <li-फूल (कमल, गुलाब)

      <li-फल (केला, सेब)

      <li-नैवेद्य (दूध, दही, चावल)

      <li-एकादशी व्रत कथा

      <li-धूप बत्ती

      <li-चंदन या तिलक का सामान

  • पूजा का क्रम:
    • सुबह जल्दी स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
    • पूजा स्थान को साफ करें और वहां एक आसन बिछाएं।
    • भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
    • दीपक जलाएं और धूप जलाकर भगवान को अर्पित करें।
    • फूलों से भगवान का श्रंगार करें।
    • नैवेद्य अर्पित करें और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
    • एकादशी व्रत कथा का श्रवण करें।
    • प्रार्थना करें और भगवान से आशीर्वाद मांगें।
  • पारणा (ब्रेकफास्ट) निर्देश:
    • एकादशी के दिन उपवास करें और अगले दिन सुबह पारणा करें।
    • पारणा के समय केवल फल, दूध या हल्का शाकाहारी भोजन करें।
    • पारणा के बाद “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप करें।

इस प्रकार आप अपरा एकादशी की पूजा विधि का पालन कर सकते हैं। यह दिन भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर है।

2026 की सभी एकादशियाँ

नाम तिथि पक्ष
सफल एकादशी 13 जनवरी 2026 (मंगलवार) कृष्ण
सफल एकादशी 14 जनवरी 2026 (बुधवार) कृष्ण
षट्तिला एकादशी 28 जनवरी 2026 (बुधवार) शुक्ल
कात्यायनी एकादशी 12 फ़रवरी 2026 (गुरुवार) कृष्ण
आमलकी एकादशी 27 फ़रवरी 2026 (शुक्रवार) शुक्ल
विजया एकादशी 14 मार्च 2026 (शनिवार) कृष्ण
कामदा एकादशी 28 मार्च 2026 (शनिवार) शुक्ल
पापमोचनी एकादशी 13 अप्रैल 2026 (सोमवार) कृष्ण
मोहिनी एकादशी 27 अप्रैल 2026 (सोमवार) शुक्ल
अपरा एकादशी 12 मई 2026 (मंगलवार) कृष्ण
निर्जला एकादशी 26 मई 2026 (मंगलवार) शुक्ल
योगिनी एकादशी 11 जून 2026 (गुरुवार) कृष्ण
देवशयनी एकादशी 25 जून 2026 (गुरुवार) शुक्ल
कामिका एकादशी 10 जुलाई 2026 (शुक्रवार) कृष्ण
पुत्रदा एकादशी 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) शुक्ल
अजा एकादशी 8 अगस्त 2026 (शनिवार) कृष्ण
परिवर्तिनी एकादशी 23 अगस्त 2026 (रविवार) शुक्ल
परिवर्तिनी एकादशी 22 सितंबर 2026 (मंगलवार) शुक्ल
पसांकुशा एकादशी 6 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) कृष्ण
पापांकुशा एकादशी 21 अक्टूबर 2026 (बुधवार) शुक्ल
रमा एकादशी 4 नवंबर 2026 (बुधवार) कृष्ण
प्रबोधिनी एकादशी 20 नवंबर 2026 (शुक्रवार) शुक्ल
उत्पन्ना एकादशी 4 दिसंबर 2026 (शुक्रवार) कृष्ण
मोक्षदा एकादशी 20 दिसंबर 2026 (रविवार) शुक्ल