पुत्रदा एकादशी 2026 – तारीख, पूजा विधि, व्रत कथा

पुत्रदा एकादशी — 2026

📅 तिथि: 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार)

📜 तिथि विवरण: एकादशी

🌌 नक्षत्र: मूल

🌓 पक्ष/माह: शुक्ल (श्रवण)

📆 सप्ताह/दिन: शुक्रवार

🕒 आरंभ/समाप्त समय: Begins – 09:26 PM, Jul 23
Ends – 08:15 PM, Jul 24

परना (व्रत तोड़ने की जानकारी)

📅 परना तिथि: 2026-07-25

🌞 सूर्योदय: 06:00 AM

🧘 परना के बाद तिथि: द्वादशी (शुक्ल)

पुत्रदा एकादशी

व्रत का महत्व

पुत्रदा एकादशी व्रत श्रद्धा एवं भक्ति से किया जाता है।

पुत्रदा एकादशी की कथा

पुत्रदा एकादशी का व्रत हर साल श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इस दिन का विशेष महत्व है, क्योंकि यह दिन संतान सुख की प्राप्ति के लिए बहुत फलदायी माना जाता है। इस दिन उपवास रखने से माता-पिता को संतान सुख की प्राप्ति होती है और संतान के लिए यह व्रत विशेष रूप से लाभकारी होता है।

कथा

प्राचीन समय की बात है, एक राजवंश में एक राजा और रानी थे। वे दोनों संतान सुख के लिए बड़े दुखी थे, क्योंकि उनके कोई संतान नहीं थी। एक दिन, राजा ने एक ऋषि से सलाह ली। ऋषि ने उन्हें बताया कि पुत्रदा एकादशी का व्रत करने से उन्हें संतान सुख प्राप्त होगा। राजा ने व्रत करने का निश्चय किया।

राजा ने पुत्रदा एकादशी का व्रत बड़े श्रद्धा भाव से किया। इस दिन उन्होंने उपवास रखा और भगवान विष्णु की पूजा की। राजा की भक्ति और श्रद्धा देखकर भगवान विष्णु प्रसन्न हुए और उन्हें एक पुत्र का वरदान दिया। कुछ समय बाद रानी ने एक सुंदर पुत्र को जन्म दिया। इस प्रकार, राजा-रानी की इच्छा पूरी हुई और उनके जीवन में खुशी का आगमन हुआ।

महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ

पुत्रदा एकादशी का व्रत न केवल संतान सुख के लिए है, बल्कि यह व्रत सभी प्रकार की इच्छाओं की पूर्ति के लिए किया जा सकता है। इस दिन उपवास करने से मन की शांति, सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य में वृद्धि होती है। इस दिन भगवान विष्णु की आराधना करने से भक्तों को मानसिक और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है।

इस दिन व्रति को चाहिए कि वे उपवास के साथ-साथ भगवान की भक्ति में लीन रहें और प्रार्थना करें कि उन्हें और उनके परिवार को सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त हो।

पुत्रदा एकादशी पूजा विधि

पुत्रदा एकादशी की पूजा विशेष रूप से संतान सुख की प्राप्ति के लिए की जाती है। इस दिन व्रति रखना और पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। यहाँ पुत्रदा एकादशी की पूजा विधि दी गई है:

  • **सामग्री इकट्ठा करें:**
    • चावल
    • दूध
    • शहद
    • फल (केला, सेब आदि)
    • फूल (कमल, गुलाब)
    • दीपक और पटाखे
    • नैवेद्य के लिए मिठाई
    • गंगाजल या पवित्र जल
  • **पवित्रता:**
    • सुबह जल्दी स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • **मंडप सजाएं:**
    • पूजा स्थान को स्वच्छ करें और वहां आसन बिछाएं।
    • ईश्वर की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
  • **दीप जलाएं:**
    • दीपक में घी या तेल डालकर उसमें बत्ती लगाएं और जलाएं।
  • **पंचामृत अभिषेक:**
    • ईश्वर को पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से स्नान कराएं।
  • **नैवेद्य अर्पित करें:**
    • फल और मिठाई का नैवेद्य अर्पित करें।
  • **मंत्र जाप:**
    • भगवान श्री कृष्ण का नाम लेते हुए: “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप करें।
  • **आरती करें:**
    • आरती करते समय “जय श्री कृष्ण” का जयकारा लगाएं।
  • **प्रसाद वितरण:**
    • पूजा के बाद प्रसाद बांटें और भक्तों के साथ भोजन करें।
  • **उपवास एवं पारण:**
    • एकादशी के दिन उपवास रखें और अगले दिन, द्वादशी को सुबह सूर्योदय के बाद फल-फूल का सेवन करें।

इस प्रकार पुत्रदा एकादशी की पूजा कर संतान सुख की प्राप्ति की कामना करें।</p

2026 की सभी एकादशियाँ

नाम तिथि पक्ष
सफल एकादशी 13 जनवरी 2026 (मंगलवार) कृष्ण
सफल एकादशी 14 जनवरी 2026 (बुधवार) कृष्ण
षट्तिला एकादशी 28 जनवरी 2026 (बुधवार) शुक्ल
कात्यायनी एकादशी 12 फ़रवरी 2026 (गुरुवार) कृष्ण
आमलकी एकादशी 27 फ़रवरी 2026 (शुक्रवार) शुक्ल
विजया एकादशी 14 मार्च 2026 (शनिवार) कृष्ण
कामदा एकादशी 28 मार्च 2026 (शनिवार) शुक्ल
पापमोचनी एकादशी 13 अप्रैल 2026 (सोमवार) कृष्ण
मोहिनी एकादशी 27 अप्रैल 2026 (सोमवार) शुक्ल
अपरा एकादशी 12 मई 2026 (मंगलवार) कृष्ण
निर्जला एकादशी 26 मई 2026 (मंगलवार) शुक्ल
योगिनी एकादशी 11 जून 2026 (गुरुवार) कृष्ण
देवशयनी एकादशी 25 जून 2026 (गुरुवार) शुक्ल
कामिका एकादशी 10 जुलाई 2026 (शुक्रवार) कृष्ण
पुत्रदा एकादशी 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) शुक्ल
अजा एकादशी 8 अगस्त 2026 (शनिवार) कृष्ण
परिवर्तिनी एकादशी 23 अगस्त 2026 (रविवार) शुक्ल
परिवर्तिनी एकादशी 22 सितंबर 2026 (मंगलवार) शुक्ल
पसांकुशा एकादशी 6 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) कृष्ण
पापांकुशा एकादशी 21 अक्टूबर 2026 (बुधवार) शुक्ल
रमा एकादशी 4 नवंबर 2026 (बुधवार) कृष्ण
प्रबोधिनी एकादशी 20 नवंबर 2026 (शुक्रवार) शुक्ल
उत्पन्ना एकादशी 4 दिसंबर 2026 (शुक्रवार) कृष्ण
मोक्षदा एकादशी 20 दिसंबर 2026 (रविवार) शुक्ल