परिवर्तिनी एकादशी 2026 – तारीख, पूजा विधि, व्रत कथा

परिवर्तिनी एकादशी — 2026

📅 तिथि: 23 अगस्त 2026 (रविवार)

📜 तिथि विवरण: एकादशी

🌌 नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा

🌓 पक्ष/माह: शुक्ल (Bhadrapada)

📆 सप्ताह/दिन: रविवार

🕒 आरंभ/समाप्त समय: Begins – 09:26 PM, Aug 22
Ends – 08:15 PM, Aug 23

परना (व्रत तोड़ने की जानकारी)

📅 परना तिथि: 2026-08-24

🌞 सूर्योदय: 06:00 AM

🧘 परना के बाद तिथि: द्वादशी (शुक्ल)

परिवर्तिनी एकादशी

व्रत का महत्व

परिवर्तिनी एकादशी व्रत श्रद्धा एवं भक्ति से किया जाता है।

परिवर्तिनी एकादशी की कथा

परिवर्तिनी एकादशी का व्रत हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। यह एकादशी श्रावण मास के कृष्ण पक्ष में आती है, जो इस वर्ष 23 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान श्री कृष्ण की उपासना का विशेष महात्म्य है। कहा जाता है कि इस दिन व्रत करने से मनुष्य के सभी पापों का नाश होता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।

कथा का सार

प्राचीन काल में एक राजा हुए, जिनका नाम ‘धर्मपाल’ था। वे बहुत ही धार्मिक और ज्ञानी थे। एक बार उन्होंने एक साधू से सुना कि एकादशी का व्रत करने से सभी इच्छाएँ पूर्ण होती हैं। राजा ने ठान लिया कि वे इस व्रत को करेंगे। परंतु दुर्भाग्यवश, उनकी पत्नी ने एकादशी के दिन अन्न खा लिया। राजा ने उसे बहुत समझाया, लेकिन वह नहीं मानी।

इससे राजा दुखी होकर जंगल में चले गए। वहाँ उन्हें एक देवी ने दर्शन दिए और कहा कि यदि वे सच्चे मन से व्रत करेंगे, तो उनकी पत्नी का उद्धार होगा। राजा ने फिर से एकादशी का व्रत किया और अपनी पत्नी के लिए प्रार्थना की। देवी की कृपा से उनकी पत्नी की आत्मा को शांति मिली और राजा को सब कुछ प्राप्त हुआ।

महत्व एवं आध्यात्मिक लाभ

परिवर्तिनी एकादशी का व्रत करने से मनुष्य को मानसिक शांति और भौतिक सुख की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण की भक्ति का विशेष फल मिलता है। व्रति को इस दिन उपवास करना चाहिए और भगवान की आराधना करनी चाहिए। ऐसा करने से समस्त पापों का नाश होता है और व्यक्ति को सुख, समृद्धि और सफलता का अनुभव होता है।

इस प्रकार, परिवर्तिनी एकादशी का व्रत न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन भी आते हैं। इस दिन का व्रत करने से हर व्यक्ति को अपने जीवन में सुख, शांति और प्रेम का अनुभव होता है।

परिवर्तिनी एकादशी पूजा विधि

  • पुजा की तैयारी:
    – पूजा के स्थान को स्वच्छ करें।
    – एक पलंग या चटाई पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं।
    – पूजा के लिए निम्नलिखित सामग्री इकट्ठा करें:
    – दीपक
    – अगरबत्ती
    – फूल
    – फल
    – सिंदूर
    – चावल
    – मिठाई
    – तुलसी के पत्ते
  • दीप प्रज्वलन:
    – दीपक जलाएं और भगवान की तस्वीर या मूर्ति के सामने रखें।
  • स्नान और श्रंगार:
    – भगवान का स्नान कराएं और उन्हें वस्त्र पहनाएं।
    – उन्हें फूल और श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें।
  • आरती:
    – भगवान की आरती गाएं और दीपक को चारों ओर घुमाएं।
    – “ॐ जय श्री कृष्ण” का जाप करें।
  • भोग अर्पित करना:
    – भगवान को फल, मिठाई और अन्य भोग अर्पित करें।
    – “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप करें।
  • पाठ और प्रार्थना:
    – “एकादशी व्रत कथा” सुनें या पढ़ें।
    – भगवान से क्षमा मांगें और आशीर्वाद प्राप्त करें।
  • पराना (ब्रेकफास्ट):
    – एकादशी के दिन उपवास के बाद, दूसरे दिन सुबह स्नान करके, फल और दूध का सेवन करें।
    – फिर, सामान्य भोजन का सेवन करें, जिसमें दाल, सब्जी, और चावल शामिल करें।

इस प्रकार, परिवर्तिनी एकादशी का व्रत और पूजा विधि पूरी करें। भगवान की कृपा सदैव आप पर बनी रहे।

2026 की सभी एकादशियाँ

नाम तिथि पक्ष
सफल एकादशी 13 जनवरी 2026 (मंगलवार) कृष्ण
सफल एकादशी 14 जनवरी 2026 (बुधवार) कृष्ण
षट्तिला एकादशी 28 जनवरी 2026 (बुधवार) शुक्ल
कात्यायनी एकादशी 12 फ़रवरी 2026 (गुरुवार) कृष्ण
आमलकी एकादशी 27 फ़रवरी 2026 (शुक्रवार) शुक्ल
विजया एकादशी 14 मार्च 2026 (शनिवार) कृष्ण
कामदा एकादशी 28 मार्च 2026 (शनिवार) शुक्ल
पापमोचनी एकादशी 13 अप्रैल 2026 (सोमवार) कृष्ण
मोहिनी एकादशी 27 अप्रैल 2026 (सोमवार) शुक्ल
अपरा एकादशी 12 मई 2026 (मंगलवार) कृष्ण
निर्जला एकादशी 26 मई 2026 (मंगलवार) शुक्ल
योगिनी एकादशी 11 जून 2026 (गुरुवार) कृष्ण
देवशयनी एकादशी 25 जून 2026 (गुरुवार) शुक्ल
कामिका एकादशी 10 जुलाई 2026 (शुक्रवार) कृष्ण
पुत्रदा एकादशी 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) शुक्ल
अजा एकादशी 8 अगस्त 2026 (शनिवार) कृष्ण
परिवर्तिनी एकादशी 23 अगस्त 2026 (रविवार) शुक्ल
परिवर्तिनी एकादशी 22 सितंबर 2026 (मंगलवार) शुक्ल
पसांकुशा एकादशी 6 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) कृष्ण
पापांकुशा एकादशी 21 अक्टूबर 2026 (बुधवार) शुक्ल
रमा एकादशी 4 नवंबर 2026 (बुधवार) कृष्ण
प्रबोधिनी एकादशी 20 नवंबर 2026 (शुक्रवार) शुक्ल
उत्पन्ना एकादशी 4 दिसंबर 2026 (शुक्रवार) कृष्ण
मोक्षदा एकादशी 20 दिसंबर 2026 (रविवार) शुक्ल