मोक्षदा एकादशी — 2026
📅 तिथि: 20 दिसंबर 2026 (रविवार)
📜 तिथि विवरण: एकादशी
🌌 नक्षत्र: कृत्तिका
🌓 पक्ष/माह: शुक्ल (Margashirsha)
📆 सप्ताह/दिन: रविवार
🕒 आरंभ/समाप्त समय: Begins – 09:26 PM, Dec 19
Ends – 08:15 PM, Dec 20
परना (व्रत तोड़ने की जानकारी)
📅 परना तिथि: 2026-12-21
🌞 सूर्योदय: 06:00 AM
🧘 परना के बाद तिथि: द्वादशी (शुक्ल)

व्रत का महत्व
मोक्षदा एकादशी व्रत श्रद्धा एवं भक्ति से किया जाता है।
मोक्षदा एकादशी की कथा
मोक्षदा एकादशी, जो विशेष रूप से कार्तिक माह की शुक्ल एकादशी को मनाई जाती है, का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने युधिष्ठिर को इस एकादशी की महिमा बताई थी। कहा जाता है कि इस दिन उपवास करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह एकादशी पापों का नाश करती है और भक्तों को सुख और समृद्धि प्रदान करती है।
कथा का सार
प्राचीन काल में एक राजा थे, जिनका नाम ‘धर्मराज युधिष्ठिर’ था। एक बार उनके दरबार में भगवान कृष्ण आए और उन्होंने एकादशी का महत्व बताया। युधिष्ठिर ने इस एकादशी का व्रत करने का निश्चय किया। उन्होंने उपवास किया और दिनभर भगवान का स्मरण किया। इस उपवास से राजा को शक्ति मिली और उन्होंने अपने राज्य में सुख-शांति स्थापित की।
मोक्ष की प्राप्ति
कहा जाता है कि जो भी भक्त इस दिन उपवास करता है, उसे सभी पापों से मुक्ति मिलती है। मोक्षदा एकादशी के दिन भगवान श्री कृष्ण की पूजा करने से भक्तों को विशेष आशीर्वाद मिलता है। इस दिन किए गए पुण्य कार्यों का फल अनंत होता है और व्यक्ति को जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिलती है।
आध्यात्मिक लाभ
मोक्षदा एकादशी का व्रत करने से मन की शांति, समृद्धि और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। यह व्रत संतान सुख, धन में वृद्धि और जीवन में खुशियों का संचार करता है। जो भक्त इस एकादशी का व्रत करते हैं, उन्हें भगवान की कृपा से सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और भक्तजन व्रत के साथ-साथ भक्ति भाव से आराधना करते हैं।
इस प्रकार, मोक्षदा एकादशी का व्रत न केवल भक्ति का साधन है, बल्कि यह आत्मा की शुद्धि और मोक्ष की प्राप्ति का भी मार्ग प्रशस्त करता है।
मोक्षदा एकादशी पूजा विधि
- **पूजन सामग्रियाँ**:
- गंगाजल या शुद्ध जल
- पंचामृत (दही, दूध, घी, शहद, चीनी)
- फूल (कमल, गुलाब)
- दीपक व तेल
- अगरबत्ती
- नैवेद्य (फruits, चिउड़े)
- सुपारी और कलावा
- **स्नान और शुद्धिकरण**:
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
- गंगाजल का छिड़काव करें।
- **मंदिर या पूजा स्थान की सफाई**:
- पूजा स्थल को स्वच्छ करें।
- प्रतिमा या चित्र को साफ करें।
- **भगवान विष्णु का आवाहन**:
- भगवान विष्णु का ध्यान करें और इस मंत्र का जाप करें:
“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”
- भगवान विष्णु का ध्यान करें और इस मंत्र का जाप करें:
- **पूजन सामग्री अर्पित करें**:
- पंचामृत से भगवान को स्नान कराएँ।
- फूल, दीपक और अगरबत्ती अर्पित करें।
- नैवेद्य अर्पित करें और प्रार्थना करें।
- **आरती**:
- भगवान की आरती करें और इस मंत्र का जाप करें:
“ॐ जय जगदीश हरे”
- भगवान की आरती करें और इस मंत्र का जाप करें:
- **प्रसाद वितरण**:
- प्रसाद को सभी भक्तों में बांटें।
- **एकादशी व्रत का पारण**:
- दूसरे दिन, द्वादशी को सुबह सूर्योदय के बाद व्रत का पारण करें।
- सादा और हलका भोजन करें, जैसे फल, दही या चिउड़े।
यह पूजा विधि मोक्षदा एकादशी के महत्व को समझते हुए श्रद्धा और भक्ति के साथ करें।
2026 की सभी एकादशियाँ
नाम | तिथि | पक्ष |
---|---|---|
सफल एकादशी | 13 जनवरी 2026 (मंगलवार) | कृष्ण |
सफल एकादशी | 14 जनवरी 2026 (बुधवार) | कृष्ण |
षट्तिला एकादशी | 28 जनवरी 2026 (बुधवार) | शुक्ल |
कात्यायनी एकादशी | 12 फ़रवरी 2026 (गुरुवार) | कृष्ण |
आमलकी एकादशी | 27 फ़रवरी 2026 (शुक्रवार) | शुक्ल |
विजया एकादशी | 14 मार्च 2026 (शनिवार) | कृष्ण |
कामदा एकादशी | 28 मार्च 2026 (शनिवार) | शुक्ल |
पापमोचनी एकादशी | 13 अप्रैल 2026 (सोमवार) | कृष्ण |
मोहिनी एकादशी | 27 अप्रैल 2026 (सोमवार) | शुक्ल |
अपरा एकादशी | 12 मई 2026 (मंगलवार) | कृष्ण |
निर्जला एकादशी | 26 मई 2026 (मंगलवार) | शुक्ल |
योगिनी एकादशी | 11 जून 2026 (गुरुवार) | कृष्ण |
देवशयनी एकादशी | 25 जून 2026 (गुरुवार) | शुक्ल |
कामिका एकादशी | 10 जुलाई 2026 (शुक्रवार) | कृष्ण |
पुत्रदा एकादशी | 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) | शुक्ल |
अजा एकादशी | 8 अगस्त 2026 (शनिवार) | कृष्ण |
परिवर्तिनी एकादशी | 23 अगस्त 2026 (रविवार) | शुक्ल |
परिवर्तिनी एकादशी | 22 सितंबर 2026 (मंगलवार) | शुक्ल |
पसांकुशा एकादशी | 6 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) | कृष्ण |
पापांकुशा एकादशी | 21 अक्टूबर 2026 (बुधवार) | शुक्ल |
रमा एकादशी | 4 नवंबर 2026 (बुधवार) | कृष्ण |
प्रबोधिनी एकादशी | 20 नवंबर 2026 (शुक्रवार) | शुक्ल |
उत्पन्ना एकादशी | 4 दिसंबर 2026 (शुक्रवार) | कृष्ण |
मोक्षदा एकादशी | 20 दिसंबर 2026 (रविवार) | शुक्ल |