पुत्रदा एकादशी 2025 – तारीख, पूजा विधि, व्रत कथा

पुत्रदा एकादशी — 2025

📅 तिथि: 9 जनवरी 2025 (गुरुवार)

📜 तिथि विवरण: एकादशी

🌌 नक्षत्र: रोहिणी

🌓 पक्ष/माह: शुक्ल (Pausha)

📆 सप्ताह/दिन: गुरुवार

🕒 आरंभ/समाप्त समय: Begins – 09:26 PM, Jan 08
Ends – 08:15 PM, Jan 09

परना (व्रत तोड़ने की जानकारी)

📅 परना तिथि: 2025-01-10

🌞 सूर्योदय: 06:00 AM

🧘 परना के बाद तिथि: द्वादशी (शुक्ल)

व्रत का महत्व

पुत्रदा एकादशी व्रत श्रद्धा एवं भक्ति से किया जाता है।

पुत्रदा एकादशी की कथा

पुत्रदा एकादशी का व्रत हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत विशेष रूप से संतान सुख की प्राप्ति के लिए किया जाता है। इस एकादशी का पालन करने से भक्तों को संतान सुख के अलावा अन्य भौतिक और आध्यात्मिक लाभ भी मिलते हैं।

एक बार की बात है, एक राजा थे जिनका नाम ‘माल्यवान’ था। राजा और रानी दोनों संतान सुख के लिए बहुत दुखी थे। उन्होंने अनेक पंडितों और ऋषियों से सलाह ली, परंतु कोई उपाय नहीं मिला। अंततः, राजा ने भगवान श्री कृष्ण की कृपा प्राप्त करने के लिए पुत्रदा एकादशी का व्रत करने का निश्चय किया।

राजा ने एकादशी के दिन उपवास रखा और पूरे दिन भक्ति भाव से भगवान की पूजा की। उन्होंने संतान सुख की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की। रात्रि को राजा ने श्री कृष्ण का ध्यान करते हुए उपवास का पालन किया। अगले दिन, राजा ने द्वादशी के दिन ब्राह्मणों को भोजन कराया और दान दिया। इसके बाद, राजा की पत्नी रानी को गर्भ धारण हुआ और उन्हें एक पुत्र का जन्म हुआ।

पुत्रदा एकादशी का महत्व

पुत्रदा एकादशी का व्रत करने से न केवल संतान सुख की प्राप्ति होती है, बल्कि यह व्रत भक्तों की सभी इच्छाओं की पूर्ति करता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन में सकारात्मकता आती है और सभी प्रकार की समस्याओं से मुक्ति मिलती है।

आध्यात्मिक लाभ

इस व्रत के माध्यम से भक्त भगवान के प्रति अपनी भक्ति को और गहरा करते हैं। यह व्रत श्रद्धा और विश्वास के साथ करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है। पुत्रदा एकादशी का व्रत करने वाले भक्तों को विशेष रूप से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

इस प्रकार, पुत्रदा एकादशी का व्रत न केवल संतान सुख के लिए, बल्कि समग्र जीवन में सुख और शांति के लिए अत्यंत लाभकारी है।

पुत्रदा एकादशी पूजा विधि

  • पूजा के लिए आवश्यक सामग्री:
    • चावल
    • दूध
    • घी
    • शहद
    • फल (केला, सेब आदि)
    • पत्तल और कलश
    • अगरबत्ती और दीपक
    • पीले फूल
    • श्री कृष्ण या भगवान विष्णु की मूर्ति/ चित्र
  • पूजा की तैयारी:
    • सुबह जल्दी स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
    • पूजा स्थान को साफ करें और उस पर एक आसन बिछाएं।
  • भगवान का आवाहन:
    • भगवान श्री कृष्ण या भगवान विष्णु का चित्र स्थापित करें।
    • दीपक जलाएं और अगरबत्ती लगाएं।
    • फूल चढ़ाएं और चंदन का लेप करें।
  • मंत्र जप:
    • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
    • ॐ श्री कृष्णाय नमः।
  • नैवेद्य अर्पण:
    • चावल, दूध, घी और फल का भोग भगवान को अर्पित करें।
  • आरती:
    • भगवान की आरती गाएं और दीप दिखाएं।
  • प्रसाद वितरण:
    • भोग को प्रसाद के रूप में परिवार के सदस्यों में बांटें।
  • उपवास/पारण:
    • एकादशी का उपवास रखें।
    • दूसरे दिन, द्वादशी को पारण करें। सुबह स्नान करके, मिष्ठान्न का भोग लेकर उपवास का पारण करें।

इस प्रकार, पुत्रदा एकादशी की पूजा विधि को पूर्ण करें और भगवान श्री कृष्ण से संतान सुख की प्राप्ति की प्रार्थना करें।

2025 की सभी एकादशियाँ

नाम तिथि पक्ष
पुत्रदा एकादशी 9 जनवरी 2025 (गुरुवार) शुक्ल
कात्यायनी एकादशी 25 जनवरी 2025 (शनिवार) कृष्ण
षट्तिला एकादशी 8 फ़रवरी 2025 (शनिवार) शुक्ल
विजया एकादशी 23 फ़रवरी 2025 (रविवार) कृष्ण
आमलकी एकादशी 9 मार्च 2025 (रविवार) शुक्ल
पापमोचनी एकादशी 25 मार्च 2025 (मंगलवार) कृष्ण
कामदा एकादशी 8 अप्रैल 2025 (मंगलवार) शुक्ल
अपरा एकादशी 23 अप्रैल 2025 (बुधवार) कृष्ण
मोहिनी एकादशी 7 मई 2025 (बुधवार) शुक्ल
योगिनी एकादशी 23 मई 2025 (शुक्रवार) कृष्ण
निर्जला एकादशी 6 जून 2025 (शुक्रवार) शुक्ल
कामिका एकादशी 21 जून 2025 (शनिवार) कृष्ण
देवशयनी एकादशी 6 जुलाई 2025 (रविवार) शुक्ल
कामिका एकादशी 20 जुलाई 2025 (रविवार) कृष्ण
पुत्रदा एकादशी 4 अगस्त 2025 (सोमवार) शुक्ल
अजा एकादशी 18 अगस्त 2025 (सोमवार) कृष्ण
परिवर्तिनी एकादशी 3 सितंबर 2025 (बुधवार) शुक्ल
इन्दिरा एकादशी 17 सितंबर 2025 (बुधवार) कृष्ण
पापांकुशा एकादशी 3 अक्टूबर 2025 (शुक्रवार) शुक्ल
पसांकुशा एकादशी 16 अक्टूबर 2025 (गुरुवार) कृष्ण
प्रबोधिनी एकादशी 1 नवंबर 2025 (शनिवार) शुक्ल
रमा एकादशी 15 नवंबर 2025 (शनिवार) कृष्ण
मोक्षदा एकादशी 1 दिसंबर 2025 (सोमवार) शुक्ल
उत्पन्ना एकादशी 15 दिसंबर 2025 (सोमवार) कृष्ण
पुत्रदा एकादशी 30 दिसंबर 2025 (मंगलवार) शुक्ल