कामदा एकादशी 2026 – तारीख, पूजा विधि, व्रत कथा

कामदा एकादशी — 2026

📅 तिथि: 28 मार्च 2026 (शनिवार)

📜 तिथि विवरण: एकादशी

🌌 नक्षत्र: मघा

🌓 पक्ष/माह: शुक्ल (Chaitra)

📆 सप्ताह/दिन: शनिवार

🕒 आरंभ/समाप्त समय: Begins – 09:26 PM, Mar 27
Ends – 08:15 PM, Mar 28

परना (व्रत तोड़ने की जानकारी)

📅 परना तिथि: 2026-03-29

🌞 सूर्योदय: 06:00 AM

🧘 परना के बाद तिथि: द्वादशी (शुक्ल)

कामदा एकादशी

व्रत का महत्व

कामदा एकादशी व्रत श्रद्धा एवं भक्ति से किया जाता है।

कामदा एकादशी की कथा

कामदा एकादशी का व्रत हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। यह व्रत चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इस दिन भक्तजन भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और उपवास रखते हैं। इस एकादशी को विधिपूर्वक करने से सभी प्रकार की इच्छाएं पूर्ण होती हैं और भक्त को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

कामदा एकादशी की पौराणिक कथा

प्राचीन काल में एक राजा हुए, जिनका नाम ‘धर्मगुप्त’ था। राजा धर्मगुप्त बहुत धर्मात्मा और दानी थे, लेकिन उनके पास संतान नहीं थी। उन्होंने बहुत प्रयास किए, लेकिन उनकी पत्नी को संतोषजनक संतान नहीं हुई। एक दिन, राजा ने एक साधु को देखा, जो कामदा एकादशी का व्रत कर रहा था। साधु ने राजा को बताया कि इस व्रत को रखने से उन्हें संतान की प्राप्ति हो सकती है।

राजा ने तत्पश्चात कामदा एकादशी का व्रत विधिपूर्वक रखा। उन्होंने पूरे दिन उपवास रखा और रात को भगवान विष्णु की आराधना की। व्रत के प्रभाव से राजा की पत्नी गर्भधारण करने में सफल हुई और उन्हें एक सुंदर पुत्र प्राप्त हुआ। इस प्रकार, कामदा एकादशी ने राजा के जीवन को बदल दिया और उनकी इच्छाओं को पूर्ण किया।

कामदा एकादशी का महत्व और आध्यात्मिक लाभ

कामदा एकादशी का व्रत रखने से भक्तों को अनेक आध्यात्मिक लाभ होते हैं। यह व्रत मन की शांति, समृद्धि और स्वास्थ्य की प्राप्ति के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। इसके साथ ही, इस दिन भगवान विष्णु की कृपा से सभी दुख दूर होते हैं और भक्त का जीवन सुखमय होता है।

जो व्यक्ति इस व्रत को श्रद्धा और विश्वास से करता है, उसे जीवन में सभी प्रकार की बाधाओं से मुक्ति मिलती है और वह सच्चे प्रेम और भक्ति के मार्ग पर अग्रसर होता है। इसलिए, कामदा एकादशी का व्रत हर भक्त को अवश्य करना चाहिए।

कामदा एकादशी पूजा विधि

  • पूजा सामग्री:
    • दीपक
    • अगरबत्ती
    • फूल (विशेषकर बेल के)
    • फल (केला, सेब आदि)
    • नैवेद्य (दूध या मिठाई)
    • पानी
    • चावल
  • स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थान को साफ करें।
  • दीपक जलाकर भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र के समक्ष रखें।
  • अगरबत्ती जलाएं और भगवान का ध्यान करें।
  • फूलों से भगवान की आरती करें और निम्नलिखित मंत्र का जाप करें:
    • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
  • नैवेद्य अर्पित करें और इस मंत्र का उच्चारण करें:
    • ॐ विष्णवे नमः।
  • भगवान की आरती करें और फिर सभी भक्तों को प्रसाद वितरित करें।
  • दोपहर के समय एकादशी व्रत का पारण करें। पारण के दिन, सुबह जल्दी उठकर केवल फल-फुल का सेवन करें।
  • पारण के बाद, एक बार फिर भगवान विष्णु का ध्यान करें और धन्यवाद ज्ञापन करें।

यह विधि श्रद्धा के साथ करें और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करें।

2026 की सभी एकादशियाँ

नाम तिथि पक्ष
सफल एकादशी 13 जनवरी 2026 (मंगलवार) कृष्ण
सफल एकादशी 14 जनवरी 2026 (बुधवार) कृष्ण
षट्तिला एकादशी 28 जनवरी 2026 (बुधवार) शुक्ल
कात्यायनी एकादशी 12 फ़रवरी 2026 (गुरुवार) कृष्ण
आमलकी एकादशी 27 फ़रवरी 2026 (शुक्रवार) शुक्ल
विजया एकादशी 14 मार्च 2026 (शनिवार) कृष्ण
कामदा एकादशी 28 मार्च 2026 (शनिवार) शुक्ल
पापमोचनी एकादशी 13 अप्रैल 2026 (सोमवार) कृष्ण
मोहिनी एकादशी 27 अप्रैल 2026 (सोमवार) शुक्ल
अपरा एकादशी 12 मई 2026 (मंगलवार) कृष्ण
निर्जला एकादशी 26 मई 2026 (मंगलवार) शुक्ल
योगिनी एकादशी 11 जून 2026 (गुरुवार) कृष्ण
देवशयनी एकादशी 25 जून 2026 (गुरुवार) शुक्ल
कामिका एकादशी 10 जुलाई 2026 (शुक्रवार) कृष्ण
पुत्रदा एकादशी 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) शुक्ल
अजा एकादशी 8 अगस्त 2026 (शनिवार) कृष्ण
परिवर्तिनी एकादशी 23 अगस्त 2026 (रविवार) शुक्ल
परिवर्तिनी एकादशी 22 सितंबर 2026 (मंगलवार) शुक्ल
पसांकुशा एकादशी 6 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) कृष्ण
पापांकुशा एकादशी 21 अक्टूबर 2026 (बुधवार) शुक्ल
रमा एकादशी 4 नवंबर 2026 (बुधवार) कृष्ण
प्रबोधिनी एकादशी 20 नवंबर 2026 (शुक्रवार) शुक्ल
उत्पन्ना एकादशी 4 दिसंबर 2026 (शुक्रवार) कृष्ण
मोक्षदा एकादशी 20 दिसंबर 2026 (रविवार) शुक्ल