योगिनी एकादशी 2026 – तारीख, पूजा विधि, व्रत कथा

योगिनी एकादशी — 2026

📅 तिथि: 11 जून 2026 (गुरुवार)

📜 तिथि विवरण: एकादशी

🌌 नक्षत्र: कृत्तिका

🌓 पक्ष/माह: कृष्ण (ज्येष्ठा)

📆 सप्ताह/दिन: गुरुवार

🕒 आरंभ/समाप्त समय: Begins – 09:26 PM, Jun 10
Ends – 08:15 PM, Jun 11

परना (व्रत तोड़ने की जानकारी)

📅 परना तिथि: 2026-06-12

🌞 सूर्योदय: 06:00 AM

🧘 परना के बाद तिथि: द्वादशी (कृष्ण)

योगिनी एकादशी

व्रत का महत्व

योगिनी एकादशी व्रत श्रद्धा एवं भक्ति से किया जाता है।

योगिनी एकादशी की कथा

योगिनी एकादशी का व्रत हर वर्ष ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इस वर्ष, यह व्रत 11 जून 2026 को आएगा। यह एकादशी भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है और इसे विशेष महत्व दिया जाता है। इस दिन उपवास करने से भक्तों को अनेक पुण्य की प्राप्ति होती है और सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

कथा

प्राचीन काल की बात है, एक नगर में एक ब्राह्मण अपने परिवार के साथ निवास करता था। वह बहुत साधू और धर्मात्मा था, लेकिन उसके पास धन की कमी थी। एक दिन, उसने अपने जीवन में सुख शांति पाने के लिए योगिनी एकादशी का व्रत करने का निश्चय किया। उसने इस दिन उपवास रखा और भगवान श्री कृष्ण की भक्ति में लीन हो गया।

व्रत के समापन पर, उसने भगवान से प्रार्थना की। उसकी भक्ति और श्रद्धा को देखकर भगवान ने उसे दर्शन दिए और कहा, “हे भक्त, तुम्हारी भक्ति ने तुम्हें सभी सुखों का वरदान दिया है।” इसके बाद, ब्राह्मण को धन, सुख, और समृद्धि की प्राप्ति हुई।

महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ

योगिनी एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सभी पाप धुल जाते हैं और आत्मा को शांति मिलती है। इस दिन उपवास रखने से भक्त को मानसिक स्थिरता और आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति होती है। साथ ही, यह व्रत परिवार में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य लाने में मदद करता है।

इस एकादशी का व्रत करने से भक्ति का संचार होता है और जीवन में सकारात्मकता का अनुभव होता है। इसलिए, भक्तों को इस दिन विशेष रूप से भगवान की आराधना करनी चाहिए और उपवास का पालन करना चाहिए।

योगिनी एकादशी पूजा विधि

  • पूजा सामग्री:
    • दीपक (दीप)
    • अगरबत्ती
    • फूल (चमेली, गुलाब)
    • फल (केला, सेब)
    • नैवेद्य (सुपारी, नारियल)
    • गंगाजल या पवित्र जल
    • पंचामृत (दही, दूध, शहद, घी, चीनी)
    • माला
  • पूजा विधि:
    • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
    • पूजा स्थल को स्वच्छ करें और वहां एक चौकी पर भगवान श्रीकृष्ण या भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें।
    • दीपक जलाकर और अगरबत्ती लगाकर पूजा की शुरुआत करें।
    • फूलों से भगवान का श्रंगार करें और नैवेद्य अर्पित करें।
    • भगवान को माला अर्पित करें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जप करें।
    • पंचामृत का अभिषेक करें और फिर उसे भोग के रूप में अर्पित करें।
    • आरती करें और ‘जय श्री कृष्ण’ का जयकारा लगाएं।
  • पारण (ब्रेकफास्ट) निर्देश:
    • एकादशी के दिन उपवासी रहकर फल-फूल का सेवन करें।
    • दूसरे दिन, प्रात: स्नान करके फल-फूल का सेवन करें और फिर ‘एकादशी पारण’ के समय पानी पीकर उपवास तोड़ें।
    • सादा भोजन करें जिसमें साबूदाना, आलू या कुट्टू का आटा शामिल हो।

इस प्रकार से योगिनी एकादशी की पूजा करके भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करें।

2026 की सभी एकादशियाँ

नाम तिथि पक्ष
सफल एकादशी 13 जनवरी 2026 (मंगलवार) कृष्ण
सफल एकादशी 14 जनवरी 2026 (बुधवार) कृष्ण
षट्तिला एकादशी 28 जनवरी 2026 (बुधवार) शुक्ल
कात्यायनी एकादशी 12 फ़रवरी 2026 (गुरुवार) कृष्ण
आमलकी एकादशी 27 फ़रवरी 2026 (शुक्रवार) शुक्ल
विजया एकादशी 14 मार्च 2026 (शनिवार) कृष्ण
कामदा एकादशी 28 मार्च 2026 (शनिवार) शुक्ल
पापमोचनी एकादशी 13 अप्रैल 2026 (सोमवार) कृष्ण
मोहिनी एकादशी 27 अप्रैल 2026 (सोमवार) शुक्ल
अपरा एकादशी 12 मई 2026 (मंगलवार) कृष्ण
निर्जला एकादशी 26 मई 2026 (मंगलवार) शुक्ल
योगिनी एकादशी 11 जून 2026 (गुरुवार) कृष्ण
देवशयनी एकादशी 25 जून 2026 (गुरुवार) शुक्ल
कामिका एकादशी 10 जुलाई 2026 (शुक्रवार) कृष्ण
पुत्रदा एकादशी 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) शुक्ल
अजा एकादशी 8 अगस्त 2026 (शनिवार) कृष्ण
परिवर्तिनी एकादशी 23 अगस्त 2026 (रविवार) शुक्ल
परिवर्तिनी एकादशी 22 सितंबर 2026 (मंगलवार) शुक्ल
पसांकुशा एकादशी 6 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) कृष्ण
पापांकुशा एकादशी 21 अक्टूबर 2026 (बुधवार) शुक्ल
रमा एकादशी 4 नवंबर 2026 (बुधवार) कृष्ण
प्रबोधिनी एकादशी 20 नवंबर 2026 (शुक्रवार) शुक्ल
उत्पन्ना एकादशी 4 दिसंबर 2026 (शुक्रवार) कृष्ण
मोक्षदा एकादशी 20 दिसंबर 2026 (रविवार) शुक्ल