कामिका एकादशी — 2026
📅 तिथि: 10 जुलाई 2026 (शुक्रवार)
📜 तिथि विवरण: एकादशी
🌌 नक्षत्र: मृगशीर्ष
🌓 पक्ष/माह: कृष्ण (Ashadha)
📆 सप्ताह/दिन: शुक्रवार
🕒 आरंभ/समाप्त समय: Begins – 09:26 PM, Jul 09
Ends – 08:15 PM, Jul 10
परना (व्रत तोड़ने की जानकारी)
📅 परना तिथि: 2026-07-11
🌞 सूर्योदय: 06:00 AM
🧘 परना के बाद तिथि: द्वादशी (कृष्ण)

व्रत का महत्व
कामिका एकादशी व्रत श्रद्धा एवं भक्ति से किया जाता है।
कामिका एकादशी की कथा
कामिका एकादशी का व्रत श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। यह व्रत भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है और भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन उपवास करने से सभी प्रकार की इच्छाएँ पूर्ण होती हैं और पापों से मुक्ति मिलती है।
कथा
प्राचीन काल में एक ब्राह्मण अपनी पत्नी के साथ निवास करता था। ब्राह्मण बहुत ही धर्मात्मा और परोपकारी था, लेकिन उसके पास धन का अभाव था। उसकी पत्नी ने उसे कामिका एकादशी का व्रत रखने की सलाह दी। उसने व्रत किया और पूरे मन से भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की। इस दिन उसने केवल फल और दूध का सेवन किया।
व्रत के फलस्वरूप, भगवान श्रीकृष्ण उसके सामने प्रकट हुए और कहा, “हे भक्त! तुमने जो व्रत किए हैं, उससे तुम्हारे सभी दुख दूर होंगे।” इसके बाद ब्राह्मण के जीवन में सुख और धन की वर्षा हुई। उसने अपने मन में भगवान के प्रति भक्ति और श्रद्धा को बढ़ाया और दूसरों की मदद करने लगा।
महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ
कामिका एकादशी का व्रत रखने से भक्तों को मानसिक शांति, समृद्धि और सुख की प्राप्ति होती है। इस दिन उपवास करने से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं। यह व्रत संतान सुख की प्राप्ति में भी सहायक होता है।
इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की उपासना करने से भक्तों में भक्ति, श्रद्धा और ध्यान की भावना में वृद्धि होती है। इस प्रकार, कामिका एकादशी का व्रत न केवल भौतिक सुखों की प्राप्ति का साधन है, बल्कि यह आत्मिक उन्नति का भी मार्ग प्रशस्त करता है।
कामिका एकादशी पूजा विधि
- आवश्यक सामग्री:
- पवित्र जल
- चावल
- फूल
- धूप
- दीपक
- फल
- नैवेद्य (पकवान)
- पान, सुपारी
- गंगाजल (यदि संभव हो)
- पूजा की तैयारी:
- सप्तमी तिथि की रात्रि को स्नान कर पवित्रता से रहें।
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थान को साफ करके वहाँ गोबर से लिपें।
- पूजा विधि:
- गंगाजल छिड़ककर भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- दीपक जलाएं और धूप दिखाएं।
- फूल अर्पित करें और चावल का तिलक करें।
- नैवेद्य अर्पित करते समय “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप करें।
- एकादशी व्रत कथा सुनें या पढ़ें।
- अंत में आरती करें और “ॐ जय श्री विष्णु” का जाप करें।
- प्राण या ब्रेकफास्ट:
- एकादशी उपवास के दिन फल, दूध, या साबूदाना का सेवन करें।
- दूसरे दिन, द्वादशी को सूर्योदय से पहले उपवास तोड़ें।
- एकादशी के दिन से पहले, रात में फलाहार करें।
इस तरह, कामिका एकादशी की पूजा विधि को ध्यानपूर्वक करें और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करें।
2026 की सभी एकादशियाँ
नाम | तिथि | पक्ष |
---|---|---|
सफल एकादशी | 13 जनवरी 2026 (मंगलवार) | कृष्ण |
सफल एकादशी | 14 जनवरी 2026 (बुधवार) | कृष्ण |
षट्तिला एकादशी | 28 जनवरी 2026 (बुधवार) | शुक्ल |
कात्यायनी एकादशी | 12 फ़रवरी 2026 (गुरुवार) | कृष्ण |
आमलकी एकादशी | 27 फ़रवरी 2026 (शुक्रवार) | शुक्ल |
विजया एकादशी | 14 मार्च 2026 (शनिवार) | कृष्ण |
कामदा एकादशी | 28 मार्च 2026 (शनिवार) | शुक्ल |
पापमोचनी एकादशी | 13 अप्रैल 2026 (सोमवार) | कृष्ण |
मोहिनी एकादशी | 27 अप्रैल 2026 (सोमवार) | शुक्ल |
अपरा एकादशी | 12 मई 2026 (मंगलवार) | कृष्ण |
निर्जला एकादशी | 26 मई 2026 (मंगलवार) | शुक्ल |
योगिनी एकादशी | 11 जून 2026 (गुरुवार) | कृष्ण |
देवशयनी एकादशी | 25 जून 2026 (गुरुवार) | शुक्ल |
कामिका एकादशी | 10 जुलाई 2026 (शुक्रवार) | कृष्ण |
पुत्रदा एकादशी | 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) | शुक्ल |
अजा एकादशी | 8 अगस्त 2026 (शनिवार) | कृष्ण |
परिवर्तिनी एकादशी | 23 अगस्त 2026 (रविवार) | शुक्ल |
परिवर्तिनी एकादशी | 22 सितंबर 2026 (मंगलवार) | शुक्ल |
पसांकुशा एकादशी | 6 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) | कृष्ण |
पापांकुशा एकादशी | 21 अक्टूबर 2026 (बुधवार) | शुक्ल |
रमा एकादशी | 4 नवंबर 2026 (बुधवार) | कृष्ण |
प्रबोधिनी एकादशी | 20 नवंबर 2026 (शुक्रवार) | शुक्ल |
उत्पन्ना एकादशी | 4 दिसंबर 2026 (शुक्रवार) | कृष्ण |
मोक्षदा एकादशी | 20 दिसंबर 2026 (रविवार) | शुक्ल |